गांगुली का आया बड़ा बयान बायो बब्बल में खेल चुनौतीपूर्ण

गांगुली का आया बड़ा बयान बायो बब्बल में खेल चुनौतीपूर्ण लेकिन भारतियों की सहनशीलता बेमिसाल

खिलाड़ियों को कोरोना समय में बायो बबल में ही खेलना पड़ रहा है। खिलाड़ियों को कोरोना के इस दौर में दुबारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के शुरु होने के बाद बायो-बबल में रहना भी मजबूरी है, जहां उनका जीवन होटलों व स्टेडियमों तक ही सीमित होकर रह गया है। बायो-बबल से बाहर खिलाड़ी किसी से नहीं मिल सकते, जिससे उनके लिए स्वयं को तरोताजा रखना मुश्किल हो जाता है। कई खिलाड़ी इस मुद्दे को उठा चुके हैं। bcci/" 448 rel="nofollow" target="_blank">बीसीसीआई प्रमुख सौरव गांगुली ने बायो-बबल (जैव-सुरक्षित माहौल) को चुनौती वाला करार दिया है उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों की सहनशीलता जबरदस्त है।

भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष :- सौरव गांगुली ने मंगलवार को कहा कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के क्रिकेटरों की तुलना भारतीय खिलाड़ीयों की मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों से निपटने के लिए ‘सहनशीलता’ अधिक है। पूर्व भारतीय कप्तान ने एक ऑनलाइन कार्यक्रम में यहां कहा, ‘मुझे लगता है कि विदेशी क्रिकेटरों की तुलना में हम भारतीय थोड़े अधिक सहनशील हैं। मैं इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलियाई और वेस्टइंडीज के बहुत सारे क्रिकेटरों के साथ खेल चुका हूँ। वे मानसिकतौर पर हार जल्दी मान जाते हैं।’

गांगुली ने कहा: ‘खिलाड़ियों के लिए गत्त कुछ महीनों से बायो-बबल में क्रिकेट हो रहा है और यह बहुत मुश्किल है। होटल से मैदान पर जाकर खेल के दबाव को संभाल पाना आसान नहीं होता और फिर वापस कमरे में आ जाना और फिर से मैदान पर जाना, यह जिंदगी बिलकुल अलग किस्म की है।इसके बाद से ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण अफ्रीका दौरे का गांगुली ने हटने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, ‘टीम ऑस्ट्रेलियाई को देखो, भारत के विरुद्ध श्रृंखला के बाद उनको दक्षिण अफ्रीका का दौरा करना था पर उन्होंने साफ मना कर दिया।

कोरोना का खतरा तो हमेशा बना रहेगा -गांगुली ने कहा आप में सकारात्मकता जरुरी है। हमें मानसिक रूप से प्रशिक्षित करना होगा ताकि हमारे साथ अच्छा हो। यह भी तैयारी पर निर्भर करता है।’

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